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Monday, September 30, 2024
अनसुलझे लड़के
एक बिगड़े हुऐ लडको को संवारती है । एक प्रेमिका, जिनके हिस्से में प्रेमिकाएं नही आई। वो अनसुलझे हुऐ लड़के किसी पत्नी की हिस्से में आ गए।
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बचा रखा है सभ्यताएं और संस्कार आज भी उन लड़कियों और महिलाओं ने जो आज के दौर में भी दिख जाती है। 36 इंच की साइकिल के करियर पे बैठ के जाती हुई...
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हम मानते हैं इक पिढी बाद बहुत कुछ बदल जाता है हम जब बड़े हो जाते हैं तो हम अपने मर्जी से जिना चाहते हैं नहीं चाहते कोई रोक टोक करें यहां तक ...
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एक लंबे टाइम के संघर्ष से गुजर जाने के बाद अपनी इच्छाओं को मार के जीने के बाद। एक अवस्था ऐसी आ जाती। की खुशी मिल जाने का भी कोई अर्थ नही रह ...
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एक वक्त था। कुछ लोग थे। कुछ शौक था। कुछ सपने थे। कुछ दोस्त थे। सब अपने थे. कुछ कहते हैं। कुछ सुनते थे। लबो पे हंसी थी। गम बहुत कम था। अब न व...
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