बंगाल से झारखंड, बिहार, यूपी होते हुए
महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, पंजाब
को चली जाती है।
हर किसी को जल्दी है जाने की,
किसी को किसी के खेत में जाना है,
किसी को किसी के घर का चूल्हा-चौका करना है,
किसी को किसी का टॉयलेट साफ़ करना है,
किसी को किसी के गोदाम का माल लोड करना है,
किसी को किसी का हिसाब जोड़ना है।
हर आदमी रोज़गार की तलाश में निकल जाता है,
झुक-झुक करती आती है, उठा ले जाती है मजदूर पूरब से,
जैसे मालगाड़ी माल ले जाती है। भर-भर के।