Monday, October 5, 2026

रीलबाज़ जनरेशन और प्रोटेस्ट

रीलबाज़ जनरेशन और प्रोटेस्ट

मेट्रो स्टेशन के दीवारों, पिलरों के सामने खड़ा हो के सिगरेट फूंकते अश्लीलता फैलाते लड़के लड़कियां जेन-Z, समाज सुधारने चले हैं। नारे लगा रहे हैं। इनके नारों से पता चलता है, अश्लीलता, अश्लीलता अश्लील लोगों की निशानी होती है। ये लोग प्रदर्शन में भी अश्लीलता फैलाने से बाज नहीं आते।

गांव वाले सुखीराम

गाँव-देहात में सुखीराम बड़े-बड़े बातें करते,
हर गाँव में मिलेंगे,
सुखीराम कभी बाहर गये नहीं,
लेकिन उनको सब हर जगह के बारे में पता है, हर चीज को ऐसे बतायेंगे जैसे हर चीज को देखा हो,
किसी स्थान के निवासी को उसी के जगह के बारे में बताने लगेंगे,
ये लोग रोज सरकार बनाते हैं रोज गिराते हैं,
सरकार सही काम कर रही गलत सब पता है,
लेकिन गाँव से बाहर कभी गये ही नहीं।

Friday, September 25, 2026

गांव, गरीब, और सरकार

गाँव के लोगों का आधा समय फोटोकॉपी कराने में और बाकी समय सरकार की योजनाओं के चक्कर में निकल जाता है।

सरकार गाँव के लोगों को फुर्सत ही नहीं देती, आधार-पैन कार्ड की फोटोकॉपी की स्कीम खत्म भी नहीं होती कि राशन कार्ड, खसरा-खतौनी और वोटर कार्ड की नई स्कीम ले आती है।

गाँव का गरीब, गरीबी से ज़्यादा इन्हीं कागजों में उलझा हुआ है।

Author Vinod Kushwaha

Wednesday, September 23, 2026

प्रजातंत्र और प्रजा

इस देश में जब तक कोई पोल पर न चढ़े,
आग न लगाए, हत्या न करे, आत्महत्या न करे,
किसी अधिकारी-नेता की गाड़ी के आगे न आए,
तब तक गरीब की आवाज़ इस देश में कोई नहीं सुनता! 
शायद इसलिए गरीब को ऊपर जाकर या भेजकर बोलना पड़ता है।

Tuesday, September 8, 2026

खुशी त्यागी जा सकती है दुःख नहीं

खुशी त्यागी जा सकती है, दुख को त्यागना नामुमकिन है,
 रेगिस्तान ने त्याग दिया हरियाली को फिर वो कभी त्याग नहीं सके रेगिस्तान, बंजर जमीन,
रेगिस्तान कभी हरा-भरा नहीं बन पाया।
खुशी प्राप्त की जाती है इसलिए त्यागी जा सकती है
दुख स्वयं आता है इसलिए त्यागा नहीं जा सकता।

रीलबाज़ जनरेशन और प्रोटेस्ट

रीलबाज़ जनरेशन और प्रोटेस्ट मेट्रो स्टेशन के दीवारों, पिलरों के सामने खड़ा हो के सिगरेट फूंकते अश्लीलता फैलाते लड़के लड़कियां जेन-Z, समाज सु...