Saturday, April 25, 2026

खानदानी पेशा धंधे का

गलती हुए हो तब न माफ किया जाए। सुन है मर्दों को झूठे केस में फसाना उसका खानदानी पेशा है। 

Sunday, April 19, 2026

बदलते व्यवस्य

जब धंधेबाज महिलाओं ने कोर्ट में धन्धें के लिये लाइन लगाई, तब जो असली प्रताड़ित महिलाएं थीं वो अपनी असली हक पाने से पीछे छुट गई, महिलाएं ही खा गई महिलाओं का हक। महिला सशक्तिकर कुछ महिलाओं का धंधा बन गया। 

Friday, April 17, 2026

कोर्ट कचहरी को धंधा बनाती महिलाएं।

सुंदर, सुशील, MBA, MCA की हुई महिलाएं, जब शाम को शराबी पति से गाली और मारपीट खाने के बाद, सुबह में फिर नाश्ते तैयार कर उसी शराबी पति को ऑफिस भेजती, देख के कई सारे ख्यालों के साथ बस यही सोचता हूं। आज के दौर में, ये महिलाएं कितने कस के पकड़ी हैं। रिश्ते की डोर को, जो इस हालत में भी फेविकिट के तरह जुड़ा हुआ है। रिश्ते की डोर। जो पति को किसी दूसरे के मुंह से शराबी शराबी सुन ले तो झगड़ जाती है। वर्ना आज के दौर में कोर्ट जा के पता चलता हैं। अनपढ़ गवार दो अक्षर जानने के बाद महिलाएं कैसे फैमिली कोर्ट में खुद को सुप्रीम कोर्ट के जज मन बैठी है, 

Thursday, April 16, 2026

अच्छे लोग अच्छे की तलाश में

ब्याह दी गई अच्छी सुन्दर लड़कियों, शराबियों, सट्टेबाजों और नशाखोर से, अच्छे शरीफ लड़के ब्याहे गए चरित्रहीन मुकदमे बाजों से, हर अच्छा इंसान अच्छे की तलाश में ताउम्र भटकता रहा। दो समांतर रेखाओं की तरह। 

Saturday, April 4, 2026

नए दौर के मासूम लोग

बचा रखा है सभ्यताएं और संस्कार आज भी उन लड़कियों और महिलाओं ने जो आज के दौर में भी दिख जाती है। 36 इंच की साइकिल के करियर पे बैठ के जाती हुई, अपने पिता या पति के साथ। 

Tuesday, September 16, 2025

बचपन बच्चों जैसा होना चाहिए

बरसात के दिनों में क्लास में बच्चों को घर जा के बरामदे और बंगले में बैठ के पढ़ने की बातें सुनते हुए हमने घर जा के त्रिपाल को बांस के खंभों में फसा के उसके नीचे बैठ के ढिबरी के उजाले में राते बिताई है। 
हर उस सवाल का जवाब नहीं था। कि तुम कहा बैठ के पढ़ते हो बंगले में या बरामदे में ?। कुछ सवाल लंबे वक्त तक घर कर जाते हैं। वक्त बीतने के बाद भी।  

खानदानी पेशा धंधे का

गलती हुए हो तब न माफ किया जाए। सुन है मर्दों को झूठे केस में फसाना उसका खानदानी पेशा है।