आग न लगाए, हत्या न करे, आत्महत्या न करे,
किसी अधिकारी-नेता की गाड़ी के आगे न आए,
तब तक गरीब की आवाज़ इस देश में कोई नहीं सुनता!
शायद इसलिए गरीब को ऊपर जाकर या भेजकर बोलना पड़ता है।
मेरी सोच मेरी कलम से, कहानी, पोएम, नोवेल, एहसास और कलम, हिंदी साहित्य
इस देश में जब तक कोई पोल पर न चढ़े, आग न लगाए, हत्या न करे, आत्महत्या न करे, किसी अधिकारी-नेता की गाड़ी के आगे न आए, तब तक गरीब की आवाज़ इस ...