Tuesday, September 8, 2026

खुशी त्यागी जा सकती है दुःख नहीं

खुशी त्यागी जा सकती है, दुख को त्यागना नामुमकिन है,
 रेगिस्तान ने त्याग दिया हरियाली को फिर वो कभी त्याग नहीं सके रेगिस्तान, बंजर जमीन,
रेगिस्तान कभी हरा-भरा नहीं बन पाया।
खुशी प्राप्त की जाती है इसलिए त्यागी जा सकती है
दुख स्वयं आता है इसलिए त्यागा नहीं जा सकता।

विरोध होना चाहिए

विरोध होना चाहिए सरकार हो, राजा हो, नौकरशाह हो
सबका विरोध होना चाहिए,
देश में हर दोगलेपन का विरोध होना चाहिए।

जिससे देश की अखंडता, प्रेम, जाती धर्म
सब बचा रहे।

विरोध समाज का अभिन्न अंग है।
विरोध न होना गुलाम हो जाने का प्रतीक है।

— Vinod Kushwaha —
Blog: चीखें मेरी कलमों की

जिम्मेदारियां हादसों से भी भरी होती है।

कोल्डड्रिंक समोसे के पैसे बचाकर
कॉपी किताब खरीदने वाले लड़के,
जीवन में कई हादसे लिए जीते हैं।
ये लड़के कभी बिगड़े नहीं, 
ये लड़के मौन हो गए उमर भर के लिए 

Sunday, September 6, 2026

आस्तित्व बचाने के लिए कठोरता एक विकल्प है।

पहाड़ों को देखा है, उनका ठहराव है सदियों से, नदियाँ पहाड़ों से निकल के दूर-दराज़ को जाती हैं, पहाड़ वहीं रहता है, पहाड़ अपाहिज है चल नहीं सकता, पहाड़ गूँगा है बोल नहीं सकता, पहाड़ बहरा है सुन नहीं सकता, पहाड़ इसलिए कठोर नहीं है कि उसे कठोरता पसंद है, पहाड़ कठोर इसलिए है कि पहाड़ की अपनी मजबूरियाँ हैं।

पहाड़ कठोर नहीं होता तो पहाड़ अस्तित्वहीन हो जाता, जिंदा रहने के लिए कई बार कठोर हो जाना पड़ता है।

Author - Vinod Kushwaha |

Saturday, July 25, 2026

जेन Z या जेन Y

Gen Z रीलबाज है। ये हर बात पर रील बनाते है। इनके बस का प्रोटेस्ट नहीं है। इन्हें देख के ऐसा लगता है। ये अपने टाइम में रील से सरकार चलाएंगे। अभी का जो प्रोटेस्ट था वो Gen Y (Millennials) generation के लोगो ने संभाल रखा था। नहीं तो इनकी जो आदत है, पहली लाठी में ही पूरा मैदान खाली कर देते। ये तो Gen Y के लोगो के बल पे टिके हुवे थे। Gen Z से करियर के बारे में पूछोगे ये उसका भी रील बना देंगे। ये तो हेलो दोस्तो बोलने वाले लोगों से Hi friends बोलने पर मजबूर कर दे रहे है। ये जेन Z नहीं ये इंस्टाग्राम रील है। ये पूरी सरकार से रील बनवाएंगे। 

Saturday, April 4, 2026

नए दौर के मासूम लोग

बचा रखा है सभ्यताएं और संस्कार आज भी उन लड़कियों और महिलाओं ने जो आज के दौर में भी दिख जाती है। 36 इंच की साइकिल के करियर पे बैठ के जाती हुई, अपने पिता या पति के साथ। 

खुशी त्यागी जा सकती है दुःख नहीं

खुशी त्यागी जा सकती है, दुख को त्यागना नामुमकिन है,  रेगिस्तान ने त्याग दिया हरियाली को फिर वो कभी त्याग नहीं  सके रेगिस्तान, बंजर जमीन, रेग...