Thursday, April 16, 2026

अच्छे लोग अच्छे की तलाश में

ब्याह दी गई अच्छी सुन्दर लड़कियों, शराबियों, सट्टेबाजों और नशाखोर से, अच्छे शरीफ लड़के ब्याहे गए चरित्रहीन मुकदमे बाजों से, हर अच्छा इंसान अच्छे की तलाश में ताउम्र भटकता रहा। दो समांतर रेखाओं की तरह। 

Saturday, April 4, 2026

नए दौर के मासूम लोग

बचा रखा है सभ्यताएं और संस्कार आज भी उन लड़कियों और महिलाओं ने जो आज के दौर में भी दिख जाती है। 36 इंच की साइकिल के करियर पे बैठ के जाती हुई, अपने पिता या पति के साथ। 

Tuesday, September 16, 2025

बचपन बच्चों जैसा होना चाहिए

बरसात के दिनों में क्लास में बच्चों को घर जा के बरामदे और बंगले में बैठ के पढ़ने की बातें सुनते हुए हमने घर जा के त्रिपाल को बांस के खंभों में फसा के उसके नीचे बैठ के ढिबरी के उजाले में राते बिताई है। 
हर उस सवाल का जवाब नहीं था। कि तुम कहा बैठ के पढ़ते हो बंगले में या बरामदे में ?। कुछ सवाल लंबे वक्त तक घर कर जाते हैं। वक्त बीतने के बाद भी।  

Sunday, August 3, 2025

उम्र बस एक नंबर

उम्र में उम्रदराज होना या किसी चीजों का ज्यादा दिन तक अनुभव होना, ये साबित नहीं करता कि, सामने वाला ज्यादा अनुभवी है। या जायदा समझदार है। उम्र एक समय मात्र है। इससे समझदारी की तुलना नहीं कर सकते। अनुभव, समझदारी तो इस बात पे निर्भर करती है कि, सामने वाला किसी चीज को किस गंभीरता से देखता है। सोचता है। समझता है। मानता हु कि उम्र ने बहुत अनुभव दिए होंगे। हो सकता है। वो सारा अनुभव किसी और मौसम का रहा हो। क्लास में एक बच्चा लगातार ३ वर्षों से असफल होता रहता है। उसी क्लास में एक नया बच्चा पहली साल में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर लेता है। और असफल हुआ बच्चा फिर असफल हो जाता है। कुछ चीजें आदमी जन्म से ले के पैदा होता है। जो खुद सीखता है। किसी के सिखाने से जायदा सीखता है। वो उस चीज से ही नहीं सीखता जिससे उसकी जरूरत हो। या समाज ने बताया हो। बल्कि वो हर उस चीज से सीखता है। जो उसके सामने दिखता है। वो सीखता है। एक एक बूंद बूंद से जो प्रकृति में व्याप्त है। जिसने हर सामने पड़ी चीजों को जाना है। उससे सीखा है जो भी नजर आई। उस आदमी का जीवन का ५ सालों का अनुभव किसी ऐसे ४० साल के अनुभवी से जायदा है। जिसने एक रस्ते पे चला है बस एक चीज को ही देखते। समय के साथ मौसम बदल जाता है। उम्रदराज हो के आप गलत को सही नहीं बना सकते। क्या पता आपका अनुभव बरसात का रहा हो। और मौसम बदल गया हो। बात जाड़े की बात हो रही हो। समय के साथ चीजें बदल जाती है। पुराने कारीगर नई मशीनें नहीं बना पाते। उमर देता है अनुभव लेकिन एक उमर तक ही। 

Sunday, July 27, 2025

त्रासदी

जीवन के हर त्रासदी के बाद आदमी के हिस्से में इतना जरूर आना चाहिए, राशन, मिटी, पानी और प्यार जिसके सहारे वो जी सके बाकी बची उम्र। 

Saturday, April 12, 2025

पूर्वांचल एक्सप्रेस

       Vinod Kushwaha 
हर नई पीढ़ी आती है बड़ी होती है और कोई एक्सप्रेस पकड़ती है दूर दराज शहर को चली जाती है। सदियों से ये हमारी एक परंपरा का हिसा बन चुका है। पूर्वाचल के गांवों का हाल और बिहार का एक़ जैसे ही है। 
लेकिन पूर्वाचल के लोगों को बिहारी बोल देने पर दिल पे ले लेते है। कि हमे पिछड़े और पुराने सोच से जोड़ा जा रहा है। लेकिन हकीकत एक जैसा ही है। क्या पूर्वांचल में ऐसा नहीं है। ऐसा यहां भी है। यह भी।     
"हर चलती रेल पश्चिम की तरफ ले जाती है। बहुत सारे मजदूर जिन्हें घर के चूल्हे जलाने है। और घर में छोड़ जाते है बहुत सारे ऐसे लोग। जिनकी बहुत सारी उम्मीदें है। उनसे जो पश्चिम को जा रहा हैं। किसी एक्सप्रेस में बैठ के किसी दूर दराज शहर को किसी कॉन्ट्रैक्शन के ठेकेदार से बात कर के। ऐसा तो नहीं है न कि कोई परंपरा है। इनकी कंस्ट्रक्शन मजदूर का जो सदियों से पीढ़ी दर पीढ़ी चल रही है। हमे समझ नहीं आता इनके पिछड़ने की वजह कौन है। पुरानी परंपराएं। पुराने लोग। पुरानी सोच। या सरकारें है। जिनकी योजनाएं जिले तक आ जाती होंगी। लेकिन गांव तक नहीं पहुंचती। बड़ी नजदीक से देखा है, हमने पूर्वांचल को। कैसे सरकारी योजनाएं जो किसी व्याक्ति विशेष के लिए बनी होती हैं। उन तक पहुंचने से पहले न जाने कितने हिस्से में बट जाती है। जिले से चल कर गांव तक हर योजनाएं थक जाती है। यकीन मानिए। मै ये बात विश्वास से बोल सकता है। कि एक १०० लिटर पानी का टैंक किसी पूर्वांचल के जिलों से गांव के किसी एक व्यक्ति तक भेजा जाएगा, सरकार द्वारा तो गांव जाते जाते २० लीटर बच जाएगा। और उस व्यक्ति को एक ग्लास पानी पिला कर बोल दिया जाएगा बोल देना हमे पानी मिल गई।  सरकारी योजनाएं किसी एक व्यक्ति के लिए तो होती है। लेकिन उसको मंदिर में चढ़ी प्रसाद की तरह बांट लिया जाता है। और हर सरकारी योजना पे सरकारी कर्मचारी लुगाई समझ के अपना हक जताते हैं। यकीन मानिए पूर्वांचल में हर सरकारी योजनाएं छेड़छाड़ का शिकार होती है। 

अच्छे लोग अच्छे की तलाश में

ब्याह दी गई अच्छी सुन्दर लड़कियों, शराबियों, सट्टेबाजों और नशाखोर से, अच्छे शरीफ लड़के ब्याहे गए चरित्रहीन मुकदमे बाजों से, हर अच्छा इंसान अ...