मेरी सोच मेरी कलम से, कहानी, पोएम, नोवेल, एहसास और कलम, हिंदी साहित्य
अगर भगवान रिश्ते नहीं बनाते तो पढ़ी लिखी, सुन्दर, सुशील लड़कियां, शराबी, दारूबाज, आवरों के हिस्से में नहीं आती, जो हर दिन गली खा के भी रिश्त...