Sunday, March 29, 2020

यह कैसी है दिल्ली भाई।

यह कैसी है दिल्ली भाई।
हमको कुछ समझ न आई।।

पहाड़गंज में 'पहाड़' नहीं
दरियागंज में 'दरिया' नहीं।।

चाँदनी चौक में कहाँ चाँदनी?
और धौला कुआँ में 'कुआँ' नहीं।।

नई सड़क पुरानी दिल्ली ।
और किला पुराना नई दिल्ली में।।

बेसहारों को भगाती दिल्ली
मजबुरो को तड़पाती दिल्ली

भुखो को ललचाती दिल्लीः
काय को दिल्ली रे साला यहां तो दिल ही नहीं

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