Sunday, May 10, 2020

रास्ते और डगर

डगर डगर वही गलियाँ चली हैं साथ मिरे
क़दम क़दम पे तिरा शहर याद आया है

No comments:

Post a Comment

मुजरा करती महिलाएं

अगर भगवान रिश्ते नहीं बनाते तो पढ़ी लिखी, सुन्दर, सुशील लड़कियां, शराबी, दारूबाज, आवरों के हिस्से में नहीं आती, जो हर दिन गली खा के भी रिश्त...