Tuesday, April 6, 2021

आखिर तुमने पूछ ही लिया

रोज़ की मुस्कराहटों के बाद
आखिर तुमने पूछ ही लिया
मुझसे मेरी तन्हाई का सबब.
लेकिन तुम क्या जानो कि
मैं तुमसे सब कुछ छुपा गया
और तुम्हारे हर सवाल और सलाह पर
केवल मुस्करा गया
पता नहीं तुम मेरी पीड़ा को समझी या न समझीं
लेकिन फिर भी मैं तुम्हारे उस अधिकार को ज़रूर समझ पाया
जिससे तुमने मुझसे रूककर बातें की थी
और मेरे इस रेतीले तपते जीवन को
अपनेपन की ठंडी छाँव दी थी.

No comments:

Post a Comment

मुजरा करती महिलाएं

अगर भगवान रिश्ते नहीं बनाते तो पढ़ी लिखी, सुन्दर, सुशील लड़कियां, शराबी, दारूबाज, आवरों के हिस्से में नहीं आती, जो हर दिन गली खा के भी रिश्त...