Tuesday, October 6, 2026

रेलगाड़ी आती है मजदुर भर ले जाती है पूरब से मालगाड़ी की तरह

पूरब से रेल रोज़ ठुश-ठुश कर निकलती है,
बंगाल से झारखंड, बिहार, यूपी होते हुए
महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, पंजाब
को चली जाती है।

हर किसी को जल्दी है जाने की,
किसी को किसी के खेत में जाना है,
किसी को किसी के घर का चूल्हा-चौका करना है,
किसी को किसी का टॉयलेट साफ़ करना है,
किसी को किसी के गोदाम का माल लोड करना है,
किसी को किसी का हिसाब जोड़ना है।

हर आदमी रोज़गार की तलाश में निकल जाता है,
झुक-झुक करती आती है, उठा ले जाती है मजदूर पूरब से,
जैसे मालगाड़ी माल ले जाती है। भर-भर के।

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पूरब से रेल रोज़ ठुश-ठुश कर निकलती है, बंगाल से झारखंड, बिहार, यूपी होते हुए महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, पंजाब को चली जाती है। हर किसी को ज...