Thursday, May 21, 2026
Monday, April 27, 2026
Saturday, April 25, 2026
खानदानी पेशा धंधे का
Sunday, April 19, 2026
बदलते व्यवस्य
Friday, April 17, 2026
कोर्ट कचहरी को धंधा बनाती महिलाएं।
Thursday, April 16, 2026
अच्छे लोग अच्छे की तलाश में
Saturday, April 4, 2026
नए दौर के मासूम लोग
बचा रखा है सभ्यताएं और संस्कार आज भी उन लड़कियों और महिलाओं ने जो आज के दौर में भी दिख जाती है। 36 इंच की साइकिल के करियर पे बैठ के जाती हुई, अपने पिता या पति के साथ।
Tuesday, September 16, 2025
बचपन बच्चों जैसा होना चाहिए
Sunday, August 3, 2025
उम्र बस एक नंबर
Sunday, July 27, 2025
त्रासदी
जीवन के हर त्रासदी के बाद आदमी के हिस्से में इतना जरूर आना चाहिए, राशन, मिटी, पानी और प्यार जिसके सहारे वो जी सके बाकी बची उम्र।
Saturday, April 12, 2025
पूर्वांचल एक्सप्रेस
Thursday, April 10, 2025
पूर्वांचल एक्सप्रेस (नॉवेल)
Thursday, April 3, 2025
पूर्वांचल एक्स्प्रेस नोबेल
Saturday, November 30, 2024
उम्र और हम वहां से यहां तक
Tuesday, November 5, 2024
समाज से बिछड़े हुए लोगों
Monday, September 30, 2024
अनसुलझे लड़के
Friday, March 15, 2024
सरकारी टोटके और सरकार की जनता
हकीकत तो यही बता रहीं है। आज भी इस देश के एक तिहाई लोग की औकात क्या है। आजादी से अब तक। मैं भी उन हिस्सा का एक पार्ट हु। और गौर से कह सकता हु। की ५ किलो अनाज और ऐसे योजनाएं एक ऐसी दवा है की न बीमारी को ठीक कर सकती है । न दूसरी दवा लेने देगी। पूरा गांव का परिवार जो राशन कार्ड और ५ किलो अनाज की सेवाएं लेते आया है। ओ आज भी इन्ही चीजों में उलझा है। और शिक्षा से वंचित रह गया है। स्कूल भेजने से ज्यादा सरकारी लाभ पाने पे जोड़ दिया जाता रहा है। आधार, पैन कार्ड और फोटो कॉपी से न जाने कब बाहर निकलेगा एक अहम हिस्सा इस देश का। इसका कोई आंकड़ा ही नही है। खैर ५ किलो अनाज को हम ऐसे ही देख रहे है। बाबा की भाबुत की तरह जो बीमारी के लिए बाट रहे लेकिन उससे न बीमारी ठीक हो रही न लोगो का बाबा के प्रति और भाबूत के प्रति विश्वास कम हो रहा। खैर लिखते हुवे भी हम दो हिसो में बट गए हैं। न बाबा के खिलाप लिख पा रहे है न बाबा के तारीफ़ में क्यों की हम भी उसी हिस्से का एक पार्ट जो है। सच बताऊं तो कोई किसी का लहर नही था चुनाव में। बस २००० रूपया और ५ किलो अनाज की लहर थी जो अब तक है।
Wednesday, February 14, 2024
ख्वाहिशों की अंतिम तिथि
Tuesday, November 28, 2023
रूढ़िवादी विचारधारा और महिला सशक्तिकरण
Friday, October 13, 2023
अस्तित्व
No circulatory system, no respiratory system, and no complex nervous system. No need for a head, heart, or lungs for survival. Cockroach has...
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ज़िंदगी के ऐसे कई मसले होते है जो हम अंदर ही अंदर बिना किसी से कुछ कहे बस लड़ रहे होते है। वो चाहे फिर घर की परेशानियां हो, कैरियर की हो, पा...
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बचा रखा है सभ्यताएं और संस्कार आज भी उन लड़कियों और महिलाओं ने जो आज के दौर में भी दिख जाती है। 36 इंच की साइकिल के करियर पे बैठ के जाती हुई...
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It all started back in 2014 when I first saw her. It was first day of my college life and I was late for the class . As I entered th...
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सन २०२० चल रहा था पुरी दुनिया में खलबली मची हुई थी।,करोना वायरस का आक्रमण पुरी दुनिया में फ़ैल चुका था चारों तरफ लाशों का ढेर लगी हुआ थी को...
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इस तूफ़ान से गुज़रते हुए, बदल रही हैं चीजें । सीख जाओगे एक रोज़ तूफ़ानों में भी शांत रहना। कई लकीरें उभर आयेंगी चेहरे पर, और उन लकीरों में क...
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यह कैसी है दिल्ली भाई। हमको कुछ समझ न आई।। पहाड़गंज में 'पहाड़' नहीं दरियागंज में 'दरिया' नहीं।। चाँदनी चौक में कहाँ ...
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तुम आना तो इस बार लौट कर मत जाना। मन के बगीचे में हरियाली तुम्ही से खिले फूलों को फिर से नहीं है मुरझाना। तुम बिन हर एक क्षण है पतझ...
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बोलोगे तो मारे जाओगे हा में हा नही मिलेगी तो मारे जाओगे उनके रंग में ही रंगना होगा। दूसरा रंग अपनाओगे तो मारे जाओगे हक मांगोगे तो कटघरे में...